Latest

Post Top Ad

Responsive Ads Here

Post Top Ad

Saturday, 18 August 2018

सकारात्मक सोच भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता

सकारात्मक सोच  भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता

"यह आलेख सकारात्मक सोच  भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता ,सकारात्मक सोच के बारे में ,हमारे जीवन में सोच का बहुत महत्व होता है। जब हमारी सोच सही होती है या जब हम सकारात्मक सोचते हैं तो हमारे सभी काम भी सही तरीके से पूरे हो जाता है। जे व्यक्ति की सोच, सकारात्मक (पॉज़िटिव) सोच। जीवन, यह एक हमेशा चलते रहना चाहते हैं, सकारात्मक सोच आपको और अधिक खुशी, शांति, प्यार, सफलता और कई अन्य लोगों को अपना आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान, साहस, आप डर से मुक्त महसूस करते हैं जो आप वर्तमान में सामना करते हैं। या आप अपने जीवन में कुछ भी करना चाहते हैं लेकिन आप किसी स्थान पर फंस गए हैं तो सकारात्मक ऊर्जा आपको इससे बाहर निकलने में मदद करती है हिंदी में सकारात्मक सोच से कई अलग-अलग लाभ इसलिए सकारात्मक रहें और अपने जीवन में आगे बढ़ें इस प्रकार के लेख आपको आपकी मदद करते हैं जीवन जहां ढेर सारी खुशियों के बीच में दुःख भी आते हैं। बहुत सारी खुशियों के बाद, दुःख भी उत्पना ही आता है और वह चक्कर फिर से चालू होता है|"


सकारात्मक सोच  भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता
सकारात्मक सोच  भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता



कैसा विकास कैसी आधुनिकता

"ख्वाइशों का खांड ववन " एक लड़की के नजरिए से सम कालीन जनजीवन की एक दिलचस्प दुविधा को बारीकी सिंह उजागर करता है आज गांव में रहने वाली आबादी महानगरीय आधुनिकता से प्राया अनजान नहीं है वह इस आधुनिकता के स्थूल उपादानों के प्रति खांसी आकर्षित है इन उपादानों को वह गांव के पिछड़ेपन और फटेहाली से मुक्ति का जरिया समझती है लेकिन उसकी जितनी गति इस आधुनिकता के उपादानों को अपनाने में है इतनी सदियों से उनके जीवन में जड़ जमाए बैठे जड़ताओं और रूढ़ियों को उखाड़ फेंकने में नहीं दिखाई पड़ती इस विशिष्ट परिस्थिति में ग्रामीण जनजीवन एक अजीबोगरीब विद्रूप तैयार करता नजर आ रहा है यह उपन्यास इसी विद्रूप को हमारे सामने रखता है और सवाल उठाता है देश की राजधानी के गांव की यह कौन सी आधुनिकता है जहां आंगन में बड़ी-बड़ी गाड़ियां तो आ गई पर बहुओं के लिए एक नर्मदा हवा तक घरों में दाखिल नहीं हो पाई इस उपन्यास में जिस गांव का चित्रण हुआ है वह महानगर से बिल्कुल लगा हुआ है इसलिए वहां इस कथित आधुनिकता का विद्रोह और आसानी से दिखाई देता है महानगर का विस्तार इस गांव को ग्रस्त आ जा रहा है और वह धीरे-धीरे अपने वजूद खोता जा रहा है लेखिका इस विघटन के हवाले से विकास की बहू पर इशिता और लोकलुभावन अवधारणा पर सवाल खड़े करती है सवाल यह है कि क्या बादलों का बदलना भर ही विकास है या की मानसिकता में बदलाव लाए बगैर हम वास्तव में विकसित नहीं हो सकते ।


 उपन्यास की प्रमुख पात्र अपने जीवन संघर्ष में ऐसी अनेक अनेक प्रेषित परिस्थितियों वर्जनाओं का सम्मान करती है साथ ही अपने सपनों को सच करने की दिशा में कदम बढ़ाती है यह यात्रा केवल अपनी अस्मिता को पानी की नहीं बल्कि समाज को दिशा देने की यात्रा भी है



मुझे उम्मीद है कि आपको यह सकारात्मक लेख सकारात्मक सोच  भाग 12 :-कैसा विकास कैसी आधुनिकता पसंद है अंदर की आवाज़ें अनसुना ना करें ताकि आप प्रेरित हो जाएं और अपने जीवन में मुस्कुराते रहें
आने के लिए धन्यवाद !!।

सकारात्मक सोच,सुविचार ,सुविचार हिंदी मे,सकारात्मक विचार ,सुविचार हिंदी में ,सुविचार इन हिंदी ,अच्छी सोच ,हिंदी सुविचार सुविचार फोटो सहित
हिन्दी सुविचार फोटो ,सुविचार हिंदी ,anmol suvichar
हिंदी सुविचार संग्रह ,सकारात्मक ,positive thinking in hindi
सकारात्मक सोच,सुविचार ,सुविचार हिंदी मे,सकारात्मक विचार ,सुविचार हिंदी में ,सुविचार इन हिंदी ,अच्छी सोच ,हिंदी सुविचार सुविचार फोटो सहित ,हिन्दी सुविचार फोटो ,सुविचार हिंदी ,anmol suvichar
हिंदी सुविचार संग्रह ,सकारात्मक ,positive thinking in hindi सकारात्मक सोच ,सुविचार ,सुविचार हिंदी मे
सकारात्मक विचार,सुविचार हिंदी में ,सुविचार इन हिंदी,अच्छी सोच ,हिंदी सुविचार  बेस्ट सुविचार
अनमोल वचन हिंदी में ,positive thinking stories,हिन्दी सुविचार फोटो,सुविचार हिंदी,anmol suvichar
सकारात्मक सोच के फायदे,सुविचार इमेज,suvichar hindi shayari,हिंदी सुविचार संग्रह,सकारात्मक
positive thinking in hindi,suvichar shayari,अनमोल विचार शायरी,हिंदी सुविचार इमेज,सुविचार हिन्दी
सकारात्मक सोच पर कविता,हिन्दी सुविचार,सुविचार शायरी,अच्छे विचार हिंदी में,सकारात्मक विचार मराठी
सकारात्मक सुविचार,नकारात्मक सोच क्या है,अच्छे विचार,अच्छी सोच शायरी आज का सुविचार हिंदी में
नकारात्मक विचार सकारात्मक सोच की कहानी ,positive thoughts in hindi,सुविचार संग्रह,hindi speech topics,सुविचार संग्रह hindi.

No comments:

Post a Comment

'; (function() { var dsq = document.createElement('script'); dsq.type = 'text/javascript'; dsq.async = true; dsq.src = '//' + disqus_shortname + '.disqus.com/embed.js'; (document.getElementsByTagName('head')[0] || document.getElementsByTagName('body')[0]).appendChild(dsq); })();

Post Top Ad