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Tuesday, 7 August 2018

सकारात्मक सोच भाग 6 :-जिंदगी उसी की है

सकारात्मक सोच भाग 6:-जिंदगी उसी की है


"यह लेख सकारात्मक सोच भाग 6 :-जिंदगी उसी की है अभावों के बारे में सब कुछ है। जीवन सकारात्मक तरीके से बाहर निकलता है। और जहां संसाधन आपकी सफलता में कोई फर्क नहीं पड़ता, केवल आपकी इच्छा से कोई फर्क पड़ता है जो आपको अपने जीवन में और अधिक सफलता देता है, जिंदगी उसी की है,यह आलेख सकारात्मक सोच के बारे में है मेरे बारे में हमारे जीवन में सोच का बहुत महत्व होता है। जब हमारी सोच सही होती है या जब हम सकारात्मक सोचते हैं तो हमारे सभी काम भी सही तरीके से पूरे हो जाता है। जे व्यक्ति की सोच, सकारात्मक (पॉज़िटिव) सोच। जीवन, यह एक हमेशा चलते रहना चाहते हैं, सकारात्मक सोच आपको और अधिक खुशी, शांति, प्यार, सफलता और कई अन्य लोगों को अपना आत्मविश्वास, आत्म-सम्मान, साहस, आप डर से मुक्त महसूस करते हैं जो आप वर्तमान में सामना करते हैं। या आप अपने जीवन में कुछ भी करना चाहते हैं लेकिन आप किसी स्थान पर फंस गए हैं तो सकारात्मक ऊर्जा आपको इससे बाहर निकलने में मदद करती है हिंदी में सकारात्मक सोच से कई अलग-अलग लाभ इसलिए सकारात्मक रहें और अपने जीवन में आगे बढ़ें इस प्रकार के लेख आपको आपकी मदद करते हैं जीवन जहां ढेर सारी खुशियों के बीच में दुःख भी आते हैं। बहुत सारी खुशियों के बाद, दुःख भी उत्पना ही आता है और वह चक्कर फिर से चालू होता है ,सकारात्मक सोच भाग 6:-जिंदगी उसी की है"

सकारात्मक सोच  भाग 6 :-जिंदगी उसी की है
सकारात्मक सोच  भाग 6 :-जिंदगी उसी की है



जिंदगी उसी की है

जिंदगी कैसी हो इनके जवाब कई हैं एक अच्छा जवाब यह है कि अपने होने में दूसरे का होना और दूसरों के होने में अपना होना अनिवार्य है यह हो सकता है कि उनका जीवन अज्ञात सा हो यह भी है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी फाकाकशी में गुजरी हो दूसरों के लिए जीने वाले लोग अकेले हो कर भी स्वयं सेवकों की फौज की तरह होते हैं वह अकेला चलो रे की धुन पर चलते हैं पर सबके लिए चलते हैं वह अकेला चलो रे की धुन पर चलते हैं पर सबके लिए चलते हैं चीन संस्कृतियों में ऐसे लोग जितने ज्यादा होते हैं उनकी जड़ें उतनी ही गहरी होती हैं हम भारतीय इस मामले में काफी आगे हैं यहां अयं निज परो वेति गन्ना लघुचेतसाम् उदारचरितानां तु वसुदेव कुटुंबकम की भावना आधार में रही है हम मानते हैं कि यह अपना है वह पराया ऐसी गणना छोटी बुद्धि वाले मनुष्य क्या करते हैं जो उधार प्रकृति के लोग हैं वह धरती पर रहने वाले सभी लोगों को अपना परिवार मानते हुए परिवारिक व्यवहार करते हैं यह अमेरिकी दर्द दार्शनिक कवि हेनरी डेविड थोरो की विख्यात कृति वार्डन पढ़नी चाहिए वार्डन जंगल के बीच एक सरोवर है जिसके किनारे थोरो झोपड़ी बनाकर दो साल मेहनत मजदूरी करते रहे हैं वह विचरते रहे जंगलों में और विचार करते रहे आखिर यही पाया कि जी ना वही है जो सहज है सरल है प्रकृतिस्थ है चोरों ने जंगल में जो पाया उसी पर वल्डन लिखी उन्होंने कहा कि किताब इसलिए लिखी कि दूसरे मेरे हासिल से कुछ हासिल करें आधुनिक साधने भी साफ कर दिया है कि मन वचन और काया से जो दूसरों की मदद करते हैं वह ज्यादा स्वस्थ होते हैं उनमें तनाव कम होता है|


मुझे उम्मीद है कि आपको यह सकारात्मक लेख सकारात्मक सोच भाग 6 :-जिंदगी उसी की है , पसंद है अंदर की आवाज़ें अनसुना ना करें ताकि आप प्रेरित हो जाएं और अपने जीवन में मुस्कुराते रहें

आने के लिए धन्यवाद !!।




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